जय बाबा की !!

पवित्र भारत की मात्रभूमि पर समय – समय पर संत महात्माओ व सिद्ध पुरुषों ने अवतरित होकर परोपकार हेतु जनकल्याण किया है!

बाबा का जन्म : संवत 1990 की ज्येष्ठ सुदी दशमी राजस्थान की पावन भूमि पर गाँव भनीण में चौधरी चांदाराम गोदारा (जाट) परिवार में उनके सुपुत्र सुल्तान राम गोदारा के घर किस्तुरी माँ की कोख से जोतराम नाम के बालक का जन्म हुआ | जोतराम बाल्य अवस्था से ही शीतल स्वभाव व शांत प्रवृति के थे धार्मिक विचारों व ईश्वर के प्रति उनका विशेष लगाव था | माता किस्तुरी देवी गाँव गाजावास गड़ाना के चौधरी किसनोराम की पुत्री हैं, जोतराम जी के बाद इनके तीन भाइयों व चार बहनों ने माता किस्तुरीदेवी की कोख से जन्म लिया जिनके नाम झाबर सिंह, चौधरी लादूराम व चौधरी हरिलाल जी हैं तथा बहनें नन्दकोरी, सजना, जडिया …

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भक्तों के पते »

श्रीमती पुशोया देवी
C/O श्री रघुबीर शर्मा
पिपली वाली जोहरी
हनुमान धानी

भक्ति की शक्ति »

कैथल & कबूतर चौक स्थित गुगामांडी मंदिर में गुरु गोखनाथ नाथ जी की मूर्ति की स्थापना की गई। मूर्ति स्थापना के लिए पिछले एक सप्ताह …

मेरा नाम वतन कुमार डागर है |

ये सब बीती हुई है जो मैं लिख रहा हूँ | सन 2005 में मैंने दिल्ली पुलिस का …

भजन»

देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ
मेरे सर पर रख बाबा जी
मेरे सिर पर रख गोदारा
अपने दोनों ये हाथ
देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ (2)
अरे अब तो कृपा कर दीजिये जनम जनम का साथ (2)

गुरु वाणी»

गेहूँ पीसने की कथा :

एक बार साई बाबा मुँह हाथ धोने के पश्चात चक्की पीसने की तैयारी करने लगे । उन्होंने फर्श पर एक

शिक्षा»

श्री मंछदरनाथ जी के शिष्य गुरु गोरखनाथ जी को प्रायः धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोग जानते हैं . गुरु गोरखनाथ जी कबीर साहेब